
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसी कई पुरानी दुश्मनियां हैं, जिनके बारे में लोग जानते हैं. लेकिन कुछ कहानियां इतनी हैरान करने वाली हैं कि किसी को भी यकीन करना मुश्किल हो सकता है. खासकर तब तो और भी जब अगर कोई कहे कि किसी मुख्यमंत्री ने अपने विरोधी को हराने के लिए ‘बैलेट बॉक्स’ (मतपेटी) ही बदलवा दिए थे. तो कोई भी चौंक जाएगा. पर यह सच है. ऐसा दावा एक किताब में किया गया है. तो ‘यूपी सीएम के गजब किस्से’ की इस पार्ट में हम आपको यही कहानी बताएंगे.
बात है यूपी की राजनीति के दो दिग्गजों की!’
जब भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अगर पुराने दौर के बड़े नेताओं की बात होगी तो दो नाम जरूर सामने आएंगे. जिसमें एक चंद्रभानु गुप्त और दूसरे हैं हेमवती नंदन बहुगुणा. वैसे तो दोनों कांग्रेस के बड़े चेहरे थे. दोनों ही मुख्यमंत्री बने. दोनों की अपनी-अपनी टीम थी और दोनों का अपना-अपना राजनीतिक कद था. दोनों के पास इतनी ताकत थी कि दिल्ली तक उनकी बात सुनी जाती थी. जैसा कि अक्सर राजनीति में होता है कि पार्टी में बड़े नेताओं की सबसे बड़ी लड़ाई विपक्ष से नहीं बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर के नेताओं से होती है. कही कोई उनसे आगे न निकल जाए. कुछ ऐसा ही इन दोनों नेताओं के बीच हुआ. आगे की कहानी जानने से पहले जान लेते हैं कि कौन थे चंद्रभानु गुप्त और हेमवती नंदन बहुगुणा.
